कल्पवृक्ष की सोनजुही तू ,अमलतास की अमल कली
तेरी आंख खुली तो सुबह हुयी , जो पलक झुके तो शाम ढली !
सरकार की नाराजगी कुछ ऐसी हुयी की
मौसम ने भी रुख बदल लिया
आसमा ने आंसू बहा दिए ,बादल चीखने लगे !
अब तुम जरा सी मुस्कुरा दी तो सूरज भी बादलो के पीछे से तुम्हे देखने लगा "-
सूरज ही नहीं हवा भी झूम उठी ,तेरी मुस्कान का जादू कुछ ऐसा चला
कि पत्ते नाचने लगे और पंछी गाने लगे ,
भँवरे फूलो पे मडराने लगे ,
कभी धुप कभी छाव ,तो कभी बारिश
सब तेरी झलक पाने के लिए कुदरत के बहाने लगे !
खबर मिली है'- नदिया , झरने
फूल बगीचे , सावन के पंछी
बारिश बादल , मोर पपीहा
वंशीवट की वंशी
म्रदुभासी म्रदु गान कर रहे
कपटी सब चालाक हुए है
सब तुझको प्यार कर रहे !!
तेरी आंख खुली तो सुबह हुयी , जो पलक झुके तो शाम ढली !
सरकार की नाराजगी कुछ ऐसी हुयी की
मौसम ने भी रुख बदल लिया
आसमा ने आंसू बहा दिए ,बादल चीखने लगे !
अब तुम जरा सी मुस्कुरा दी तो सूरज भी बादलो के पीछे से तुम्हे देखने लगा "-
सूरज ही नहीं हवा भी झूम उठी ,तेरी मुस्कान का जादू कुछ ऐसा चला
कि पत्ते नाचने लगे और पंछी गाने लगे ,
भँवरे फूलो पे मडराने लगे ,
कभी धुप कभी छाव ,तो कभी बारिश
सब तेरी झलक पाने के लिए कुदरत के बहाने लगे !
खबर मिली है'- नदिया , झरने
फूल बगीचे , सावन के पंछी
बारिश बादल , मोर पपीहा
वंशीवट की वंशी
म्रदुभासी म्रदु गान कर रहे
कपटी सब चालाक हुए है
सब तुझको प्यार कर रहे !!
-Jagesh

Basant from core heart....
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