Straight from the core heart....

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Saturday, March 31, 2012

चेष्टा


मधुवन उपवन , पुलकित तनमन 
नदिया सागर पर्वत सुंदरवन 
अंकुरित हुयी पुष्पित चेष्टा 
भ्रमण चेष्टा , अंतर्मन चेष्टा 
घुप अँधेरा और चमचम का फेरा 
दुनिया रंगीन बेरंग सवेरा 
सूरज की किरणों सी चटकी चेष्टा , रंगीन चेष्टा 
भटकी चेष्टा , हसीन चेष्टा 
देख क्षणिक चेष्टा का दर्पण 
चेष्टा करदे  खुद को अर्पण 
अनजान चेष्टा , नादान चेष्टा 
जन से बढकर आन चेष्टा 
मन में ये तू ठान चेष्टा 
तीर चेष्टा ,कमान चेष्टा 
कट सके सबको जो ,
ऐसी ह तलवार चेष्टा 

रेंगती चीटी, मकड़ी की कोशिश 
गगन चुम्बी छलांग चेष्टा i
                           Jagesh Jags