Straight from the core heart....

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Sunday, January 15, 2012

लोक परलोक और फैशन


आप सभी मधुर भंडारकर जी को जानते ही होंगे ,
ये फिल्म इंडस्ट्री की जानी मानी  हस्ती है ,
जिनके बारे में कहा जाता ह की ये सच्ची घटनाओ पर ही फिल्म बनाते है.
चलिए में आपको उनके बारे में कुछ बताता हु ,
सुनिए , जरा गौर फरमाइए ,
ये उस समय की बात ह जब फैशन मूवी रिलीज़ हुई थी
night gown पहन कर और चादर तानकर 
सो रहे थे मधुर भंडारकर
बड़ी ख़ुशी मिली थी उनको फैशन की सफलता जानकर 
सो रहे थे चैन से फैशन की वास्तविकता को बयां कर 
सपने में ब्रम्हा जी का हुआ  साक्षात्कार -२
शुरू करने से पहले जरा मुस्कुराओ तो यार 
सपने में ब्रम्हा जी का हुआ साक्षात्कार 
बोले क्रोधित होकर क्या फिल्म बनायीं यार 
दुनिया तक तो ठीक है 
स्वर्ग में भी मचा रही हाहाकार -२
सीधे तुम्हारे पास चला आया में 
मिलते ही यह समाचार -२
बोले ,
बता मुझको कितना है तू पराक्रमी 
क्या धरती पर हो गयी थी वस्त्रो की कमी 
आखिर क्यों हिलादी तुने मर्यादा की जमी-२
तब भंडारकर जी बोले उसी अंदाज में अपना मुह खोले 
यह फैशन का जमाना है 
हमको अपनी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर चलाना है 
२० करोड़  लगाये थे हमने हमको १०० करोड़ कमाना है
"अरे दो चार फिल्मे क्या बना ली तुने अपने आप को क्या समझता है ,
 चूहे की दम  शेर के सामने  इतना क्यों उछलता है "
क्रोधित हुए भंडारकर जी सह न सके अपना अपमान  
बोले फिल्म बनाना कोई सरल नही है काम 
अपने आप को तुच्छ में समझू अगर सुनु आपकी किसी फिल्म का नाम 
कैसा समय आ गया हे मेरे भगवान् 
आज तुझको ही चुनौती देता तेरे द्वारा रचित इंसान 
तब ब्रम्हा जी ने मन में ठानी चाहे पड़े मुझे सीट गवानी 
में बनाऊंगा एक सुपरहिट कहानी 
नारद जी ने स्क्रिप्ट लिखी , जिसमे शोले की डबिंग दिखी
 प्रोडूसर बने विष्णु भगवान् 
स्वर्ग की सबसे सुन्दर अप्सरा नायिका चुनी गयी 
और नायक बने इन्द्र महान
विलेन का रोल भी यमराज ने बखूबी निभाया 
नरक का कार्यभार चित्रगुप्त को थमाया 
ब्रम्हा जी चतुर थे ,
item song के लिए धरती से राखी सावंत को बुलवाया 
सरस्वती  ने   dialogs दिए लक्ष्मी जी ने पूरा खर्च उठाया 
शिवजी ने तैयार किये costume
विष्णु जी ने कराया हेरोइन का  make up  
पारवती ने किया सेलेक्ट पेर्फुमे
सिंगर की फिर कमी खली 
बिन संगीत न बात बनी 
जब प्ले बेक  वीणा  बनी सरस्वती की देन
ब्रम्हा जी को आया चैन 
अब समस्या हुई नयी एक खड़ी 
जब अप्सरा अभिनय करते हुए डरी 
कहे नायिका बार बार 
आखिर रोल करना है कैसा 
मुझमे नहीं हुनर हेमा मालिनी जैसा 
फिर विष्णु ने धर रूप मोहिनी 
सबका कर दिया उद्धार 
जय हो बैकुंठ नाथ आप की लीला अपरम्पार -२
                               - Jagesh Jags

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