मुझे आज भी याद है चिंकी की वो मुस्कान हाँ कितनी प्यारी मुस्कान जब वो केवल एक वर्ष की थी . चिंकी मेरे पड़ोस में रहती है अब वो १० वर्ष की हो गयी है!
और इस वक़्त में अनायास ही किसी के बालों को एकटक देख रहा हू हलकी सी हवा में भी लहलहाते उनके बाल मुझे हलकी बारिश की फुहार के ठीक पहले शोर मचाने वाले काले काले बदलो की याद दिला रहे है !
याद तो मुझे मेरे उन सपनो की भी आ रही है जो मैंने मेरे कॉलेज को लेकर देखे थे में नहीं जानता की वो कहा तक सच हुए.... महज वो एक ही चीज है जिसे पाने के लिए हम सपने देखते है और अथक प्रयास करते है ,ख़ुशी ! अंततः सभी खुश रहना चाहते है अपने जीवन में "-
मै भी ...."-...
कितनी ख़ुशी मिलती है हमें जब हम प्यास से व्याकुल जल की तलाश में भटकते फिरते है और एकदम से जल हमारी नजरो के सामने आ जाता है, तब वह जल जो बेरंग बेस्वाद होकर भी कितना रंगीन और स्वादिस्ट लगने लगता है , जब यह पहाड़ो और शिलाओ को काटता हुआ मंद मंद नदी के रूप में बहता है तो एक मनमोहक दृश्य बना देता है जब यह ऊँचे ऊँचे पर्वतो से गिरता है झरनों के रूप में तो पूरी तरह से श्वेत धुए की तरह दिखाई देने लगता है !मुझे याद आ रहा है कि नीले नीले आसमान पर सफ़ेद बदल बेहद खुबसूरत लगते है , कही दूर से दिखाई देने वाला एक पहाड़ जिस पर हजारो तोते एक पल में ही गुम हो जाते है जो कुछ समय पहले मेरे सर के ऊपर से गुजर जाते है ! जामुन के पेड़ पर लगी काली काली जामुने जिनके लिए में अपनी छत कि छज्जा पार कर पेड़ पर चढ़ जाता था ! वह लाल बड़ा सा गोला अब इतना सुन्दर लगने लगता है जिससे कुछ समय पूर्व नजर मिलाने कि भी हिम्मत नहीं होती थी !
मुझे बहुत सुन्दर लगती है वो गुडिया , मोतियों से सजी हुई , कई रंगों से बनी हुई जो कैद है , एक पेंटिंग में उसके सामने एक सर्वशक्तिमान ,निडर, शेर जो हर क्षण उस नन्ही सी जान पर नजर रखता है वाह.... मेरी प्यारी बहन कितनी सुन्दर पेंटिंग बनायीं तुमने में हर बार यही कहूँगा कि तुम्हारी पेंटिंग मेरी शेर वाली पेंटिंग से ज्यादा खुबसूरत है !
-Jagesh
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